भारतवर्ष की जनसंख्या 151 करोड़ है जिसमें से करीब 0.5 से 0.9 जनसंख्या मिर्गी रोग से ग्रसित है। भारत की 70 प्रतिशत जनसंख्या गाँव में रहती है व 70 प्रतिशत चिकित्सक शहरों में अपने सेवायें देते हैं। न्यूरोलोजी विशेषज्ञ तो 100 प्रतिशत बड़े शहरों में ही उपलब्ध हैं। ग्रामीण हिस्सों में मिर्गी रोग के बारे में अनेक आशंकार्य व गलत फहमियाँ है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए त्रिवेणी देवी सुरेका चेरिटेबल ट्रस्ट एवं ऐपिलेप्सी केयर एण्ड रिसर्च फाउन्डेशन के प्रथम चेयरमेन स्व. श्री मूंगालाल सुरेका (रिटायर्ड आई.ए.एस.) ने 1994 में यह निःशुल्क मिर्गी निदान शिविर का आयोजन शुरू किया और 31 वर्षों से लगातार निःशुल्क मिर्गी निदान शिविर, रतन नगर, जिला चुरु, राजस्थान में प्रतिमाह प्रथम मंगलवार को आयोजित किये जा रहे हैं।
1.1 स्थान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, रतन नगर, चूरू दिन व समय- प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार 1994 से 371 से अधिक मासिक मिर्गी शिविर आयोजित किये गये हैं। प्रत्येक मिर्गी शिविर में लगभग 500 से 550 मरीजों को निःशुल्क दवा वितरण किया जाता हैं।
1.2 स्थान - प्राज्ञ मिर्गी केन्द्र गुलाबपुरा केन्द्र (भीलवाड़ा) दिन व समय- प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार 2014 से 132 से अधिक मासिक मिर्गी शिविर आयोजित किये गये हैं। प्रत्येक मिर्गी शिविर में लगभग 200 से 250 मरीजों को निःशुल्क दवा वितरण किया जाता हैं । उपरोक्त दोनों शिविरों में लगभग 2.5 लाख से अधिक रोगी लाभान्वित हुए हैं, जिनमें अधिकतर को पहले कोई न्यूरोलॉजिकल सेवा उपलब्ध नहीं थी ।
2.1 स्थान - महात्मा गांधी हॉस्पिटल, जयपुर दिन व समय- प्रत्येक सप्ताह के शुक्रवार, प्रात: 9:00 बजे से 12:00 बजे तक 2014 से 2024 तक 520 से अधिक साप्ताहिक मिर्गी क्लिनिक आयोजित किये गये ।
2.2 स्थान - जे.एन.यू. हॉस्पिटल जयपुर दिन व समय- प्रत्येक सप्ताह के शुक्रवार, प्रातः 11:00 बजे से 2:00 बजे तक 2024 से 50 से अधिक साप्ताहिक मिर्गी क्लिनिक आयोजित किये गये हैं। इन शिविरों से लगभग 60,000 से अधिक रोगी लाभान्वित हुए
3.1 मिर्गी और गर्भावस्था रजिस्ट्री (Epilepsy & Pregnancy Registry) - गर्भवती मिर्गी रोगियों के लिए पहली बार रजिस्ट्री शुरू की गई, जिससे मातृ और नवजात मृत्यु दर में गिरावट आई है।
3.2 घर-घर सर्वेक्षण (First Door to Door In Rural Rajasthan Churu ) ग्रामीण राजस्थान में मिर्गी की स्थिति जानने के लिए पहला घर-घर सर्वेक्षण करवाया, जिससे नीति निर्माण में मदद मिली।
3. 3 स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण - हजारों मेडिकल और पेरामेडिकल स्टाफ को मिर्गी से जुड़ी जागरूकता और उपचार में प्रशिक्षित किया गया।
3.4 KAP अध्ययन (Knowledge Attitude Practice) ने दिखाया कि शिक्षा और जागरूकता से मिर्गी नियंत्रण में सहायता मिलती है
4.1 तकनिकी नवाचार
4.2 जन-जागरूकता साधन
7.1 प्रमुख शोध प्रकाशन
Epilepsy Care and Research Foundation was started to achieve holistic goals of providing best treatment, removal of various stigmas and social rehabilitation for the patients with special emphasis in rural areas. Epilepsy Care and Research Fondation The foundation also aims to provide free medical care including drugs to the poor.
Dr Sureka is a great neurologist he give ample time to his patient one of my relative suffer from epilepsy was treated by him now his fits are fully controlled and he is living normal life
Dr r k sureka is a very humble doctor who always treat his patient with full of passion and satisfy them by listening there quire's properly I will recommend this doctor to all my near ones
I went to Mahatma Gandhi hospital for the treatment of narrative for stroke Dr R K sureka neuro physician take care our patient well and after 3days he discharged the patient and tell us in detail how we should take care and also guide us to meet physiotherapist for daily exercise now our patient is completely recovered thank you Dr Sureka sir
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